Delhi

‘ई-फाइलिंग 3.0’ पर बुधवार को होगी राष्ट्रीय कार्यशाला, मंत्री अर्जुन राम मेघवाल होंगे शामिल

नई दिल्ली, 03 नवंबर । अदालती कामकाज को पूरी तरह से डिजिटल और कागज-रहित बनाने की दिशा में, ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के तहत विधि एवं न्याय मंत्रालय का न्याय विभाग बुधवार को ‘ई-फाइलिंग 3.0: प्रक्रिया से व्यवहार तक’ विषय पर एक अहम कार्यशाला का आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा।

विधि एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, उच्चतम न्यायालय की ई-समिति के सदस्यों भी मौजूद रहेंगे।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को ‘ई-फाइलिंग 3.0’ प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बारीकियों से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की ओर से विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में ई-कोर्ट के संचालन, ई-कोर्ट सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ), ई-कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप और ई-फाइलिंग 3.0 की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही, सरकारी अधिवक्ताओं और विभागों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अधिकारियों के साथ एक खुली चर्चा भी होगी।

उल्लेखनीय है कि ई-कोर्ट परियोजना के तीसरे चरण (फेज-III) का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों को शुरू से अंत तक डिजिटल बनाना और नागरिकों को सुलभ ई-सेवाएं उपलब्ध कराना है। देश की अदालतों में होने वाली मुकदमेबाजी में सरकारी मंत्रालयों, विभागों, पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों) और स्वायत्त निकायों की एक बहुत बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में इन विभागों द्वारा ई-फाइलिंग को अपनाए जाने से न केवल कार्यक्षमता में भारी सुधार होगा, बल्कि अदालतों की भौतिक कागजी प्रक्रियाओं पर निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्यशाला केन्द्र सरकार की उस प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट उदाहरण है, जिसका लक्ष्य देश में एक डिजिटल, कागज-रहित और नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली की स्थापना करना और न्यायिक प्रक्रियाओं में तकनीक के इस्तेमाल को संस्थागत रूप देना है।