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पन्‍ना: अमझिरिया में बनाये गये स्टाप डेम का बजट ठिकाने लगाने हो रहा कच्चे डेम का निर्माण

पन्‍ना: अमझिरिया में बनाये गये स्टाप डेम का बजट ठिकाने लगाने हो रहा कच्चे डेम का निर्माण

पन्‍ना, 31 मई (हि.स.)। पन्ना जिले मे आश्चर्यजनक भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं जिसमें एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है कि मौके पर एक जेसीबी तथा आधा दर्जन ट्रेक्टरों के माध्यम से कार्य करते हुए पाया गया, लेकिन सम्बंधित सभी विभागों ने उक्त कार्य से अपना पल्ला झाड लिया। आखिर यह कार्य किस विभाग द्वारा कराया जा रहा था। कोई स्वीकार करने को तैयार नहीं है, क्योंकि मामला वन विभाग से जुडा है जहां पर उत्खनन हो रहा था तथा खखरी का भी निर्माण किया जा रहा था जिसमें लगे मजदूरों ने भी स्वीकार किया यह कार्य पंचायत द्वारा कराया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार पन्ना-कटनी मुख्यमार्ग पर अमझिरिया गांव में सड़क किनारे प्राचीन स्टाप डेम नजर आता है। जिसे स्थानीय लोग कला तालाब भी कहते हैं। बताया जाता है कि अंग्रेजों के जमाने में बने इंजीनियरिंग के इस नायाब नमूने को हर कोई निहारता है। सड़क किनारे पुलिया नुमा स्टेक्चर को यहां स्टाप डेम में बदला गया था। जिससे पुलिया के एक ओर तालाब बन गया। यह वर्षाे पुरानी जल संरचना है, लेकिन विगत दिनों यहां जेसीबी मशीन से कच्चा स्टाप डेम बनाया जा रहा है। जब इस औचित्यहीन कार्य के संबंध में संबंधित जनों से बात की गई, तो हर किसी ने इस विकास कार्य से खुद को अलग बताया।

ग्राम पंचायत मनकी में आने वाले इस गांव में हो रहे कार्य पर पंचायत के जिम्मेदारों का कहना है कि यह कार्य हमारा नहीं हैं, ना ही इसमें पंचायत का पैसा खर्च हो रहा है। कुछ यही बात जनपद पंचायत पन्ना के सीईओ आनंद शुक्ला ने भी कही। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग की ओर से कोई कार्य स्वीकृत नहीं है। ऐसे में सवाल उठा कि आखिर उक्त कार्य कौन करा रहा है। संबंधित क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन से लगा है। ऐसे में पन्ना बफर रेंज के परिक्षेत्राधिकारी अजीत जाट से बात की गई तो उन्होंने भी यहां किसी भी प्रकार के कार्य नहीं होने की बात कही और बताया कि यह क्षेत्र उनके वन परिक्षेत्र में नहीं आता। फिर उत्तर वन मंडल के पन्ना रेंज के परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक दुबे से बात की गई, उन्होंने भी इस मामले से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह तो पन्ना टाइगर रिजर्व का क्षेत्र है। कुल मिलाकर न तो संबंधित वन क्षेत्र किसका इलाका है, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी मिली और न ही यहां होने वाले औचित्यहीन विकास कार्य को कराने वाले लोगों के बारे में पता चला। हालाकि मौके पर काम कर रहे मजदूरों ने जरूर बताया कि यह काम पंचायत के जिम्मेदार लोगों द्वारा कराया जा रहा है। लेकिन पंचायत प्रतिनिधि व अधिकारी इससे पल्ला झाड़ रहे है। ऐसे में अंदाजा लागया जा सकता है कि शासन की राशि को ठिकाने लगाने के लिए बेवजह ही तालाब में मिट्टी फैंकी जा रही है और जिम्मेदार मौन है।

तालाब में मिट्टी डालने के लिए यहां वन क्षेत्र में ही अवैध रूप से जेसीबी मशीनों से खुदाई की जा रही थी। जिस स्थान पर यह सब हो रहा है, वह पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोर से महज 200 मीटर की दूरी पर है, ऐसे में इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व का बफर जोन हो सकता है जिसकी तहकीकात के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकती है क्योंकि संपूर्ण कोर जोन की परिधि में बफर जोन बनाया गया था, हालांकि पन्ना बफर के परिक्षेत्राधिकारी का कहना है कि यह इलाका उनका नहीं हैं, सामान्य वन क्षेत्र है। अपुष्ट सूत्रों से पता चला है कि कोर क्षेत्र से लगा क्षेत्र सामान्य वन नहीं बफर एरिया कहा जाता है। सामान्य वन क्षेत्र न होने की पुष्टी उत्तर वन मंडल के पन्ना परिक्षेत्र के रेंजर ने भी की है। बावजूद इसके कोई भी जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन व निर्माण पर कुछ कहने को तैयार नहीं है।

पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर रेंज वन परिक्षेत्राधिकारी अजीत जाट का कहना है कि मुझे इस कार्य के संबंध में कोई जानकारी नहीं हैं, मनकी पंचायत में कोई स्टाप डेम या इस तरह का कार्य स्वीकृत है, यह काम पंचायत का नहीं है।

जनपद पंचायत पन्ना सीईओ, आनंद शुक्ला का कहना है कि अमझिरिया की पुलिया के आगे से हमारा क्षेत्र शुरू होता है, यह पन्ना टाइगर रिजर्व का क्षेत्र नहीं हैं, न ही हमारे द्वारा कोई कार्य कराया जा रहा है।’’

वहीं वन परिक्षेत्राधिकारी पन्ना रेंज उत्तर वन मंडल अभिषेक दुबे का कहना है कि अमझिरिया में पुलिया के पास इलाका पन्ना टाइगर रिजर्व में आता है, उत्तर वन मंडल का क्षेत्र नहीं हैं। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं हैं, कि वहां उत्खनन या कोई कार्य हो रहा है।

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