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दहेज लोभियों से शादी करने से मना कर रहीं स्वालंबन हो रही बेटियां : आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल से संवाद के दौरान आरक्षियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त किये गए अनुभवों को साझा किया गया। उन्हाेंने महिला आरक्षियों से संवाद करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है इसमें 75 जनपद हैं और इसकी जनसंख्या 25 करोड़ से अधिक है और इन सबकी सुरक्षा, कानून व्यवस्था बनाए रखना आप सबकी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाते हैं उसे पूरी लगन मेहनत से करें। इससे हमारे अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आरक्षियों के प्रशिक्षण के दौरान बॉडी मेजरमेंट इंडेक्स (बीएमआई) की नियमित जांच की जाये तथा बॉडी की आवश्यकता अनुसार डाइट प्रदान की जाए।

राज्यपाल ने कहा कि प्रशिक्षण में आप लोगों को सुरक्षा प्रबंधन सीखना है और विभिन्न परिस्थितियों में कानून व्यवस्था को बनाए रखना, चुनौतियों से कैसे निपटना है, यह सब एक प्रशिक्षु को सिखाया जाता है, जो प्रदेश व समाज की शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता है। सभी के लिए कानून समान होता है और जो कानून अपने हाथ में लेता है उसके लिए दंड होता है। कानून व्यवस्था को जब सख्ती से अमल में लाते हैं तभी शांति होती है।

राज्यपाल ने कहा कि अभी मैंने भोजनालय का निरीक्षण किया जिसमें आप लोग खाना खाते हैं, उसमें सभी प्रकार की व्यवस्थाएं थी। मैं आप सबसे कहूंगी कि एक माह या 15 दिन में आप सब लोग मिलकर स्वयं खाना बनाएं और खाएं इससे सामूहिकता का भाव पैदा होगा। कहा कि जब मैं जेलों का निरीक्षण करती हूं तो पता चलता है कि जेल में 35 प्रतिशत से अधिक कैदी दहेज उत्पीड़न अपराध के कारण बंद है यह समाज की बहुत गंभीर बुराई है, इसे खत्म करने के लिए हम सबको आगे आना पड़ेगा। आज बेटियां स्वावलंबन हो रही है, दहेज लोभियों से शादी करने से मना करती हैं, यह समाज का बहुत बड़ा परिवर्तन है। प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश का बेटा ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से वापस लौटा है जिसका पूरा देश स्वागत कर रहा है और मैं आशा करती हूं कि जल्द ही अंतरिक्ष में जाने वाली उत्तर प्रदेश की कोई बेटी होगी। इस अवसर पर एडीजी पीएसी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया तथा इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।