अपडेट- मुख्यमंत्री की संस्तुति के बाद बेरोजगारों का आंदोलन स्थगित, कांग्रेस संतुष्ट नहीं, 3 को सीएम आवास घेराव
देहरादून, 29 सितंबर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा की सीबीआई जांच की घाेषणा के बाद बेराेजगार संघ ने धरना स्थगित कर दिया है। लेकिन सरकार के इस फैसले से राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस संतुष्ट नहीं है, कांग्रेस ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी है।
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में साेमवार काे बड़ा मोड आ गया है। मुख्यमंत्री ने धरना स्थल परेड ग्राउंड पहुंचकर आठ दिन से धरने पर बैठै बेरोजगारों की मांगें मानते हुए बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपरलीक मामले की
सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा भी कि प्रदेश में युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा यह भी की जिन छात्रों पर आंदोलन के दौरान मुकदमें हुए हैं, उन्हें सरकार वापस लेगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बेरोजार संघ ने अपना धरना स्थगित कर दिया है।
इस मामले में आज शाम को मुख्यमंत्री की ओर से एक संदेश भी प्रसारित किया गया। संदेश में उन्होंने कहा कि अलग राज्य का सपना हमारे शहीदों और आंदोलनकारियों ने इसलिए साकार किया था ताकि उत्तराखंड के हर बेटे-बेटी का जीवन बेहतर हो, किसी का अहित न हो। आज जब हमारे कुछ बच्चे सड़कों पर हैं, तो मैं उन्हें यही कहना चाहता हूं कि वे भी हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश का ‘मुख्य सेवक’ होने के नाते, हर आवाज़ को सुनना, हर पीड़ा को समझना और हर दिल तक पहुंचना मेरा दायित्व है। आंदोलन कर रहे युवा भी हमारे अपने हैं, इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2023 में देश का सबसे पहला सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई, पर जैसा हमेशा होता रहा है। कुछ लोग कानून का उल्लंघन करते हैं, ऐसे हाकमो और उनके हाकिमों को हम इस बार ऐसा सबक सिखाएंगे कि ऐसे लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को बता देना चाहता हूं कि किसी के साथ भेदभाव या मनभेद की भावना हमारे मन में कभी नहीं रही। हम सब एक परिवार हैं और परिवार का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों का कल्याण होता है। मैं, सभी से आग्रह करता हूँ कि संवाद और विश्वास की राह पर आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की घाेषणा के बाद बेराजगार संघ ने अपना धरना
स्थगित कर दिया है लेकिन सरकार ने अपनी घोषणाएं जल्द पूरी नहीं की तो बेरोजगारों को पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
सरकार की घाेषणा काेरा आश्वासन, 3 को कांग्रेस घेरेगी सीएम आवास
मुख्यमंत्री के परेड ग्राउंड से लौटते ही कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पार्टी का यह मानना है कि सीबीआई जांच की संस्तुति उत्तराखंड के भाजपा के ही मुख्यमंत्री रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एनएच 74 मामले में 2017 में की थी और बाकायदा प्रदेश की विधानसभा में खड़े हो कर ऐलान किया था कि एन एच 74 की जांच पंद्रह दिन में सीबीआई अपने हाथों में ले लेगी किन्तु फिर पूरे प्रदेश ने देखा कि कैसे आज तक वो जांच सीबीआई अपने हाथों में लेने के लिए आज आठ सालों बाद भी नहीं आई। उन्होंने कहा कि यह भी उसी तरह का कोरा आश्वासन हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नियत साफ है तो सबसे पहले लीक पेपर परीक्षा को कैंसिल कर नई परीक्षा के लिए नई तिथि घोषित की जानी चाहिए थी। यूके ट्रिपल एससी अध्यक्ष गणेश सिंह मर्ताेलिया को उनके पद से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए था किंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ इसलिए मुख्यमंत्री की घोषणा से कांग्रेस संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेगी।
भाजपा संगठन ने किया निर्णय का स्वागत
भाजपा के प्रदेश् अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस निर्णय में सरकार के साथ है और युवाओं की शंका दूर करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर हाल में युवाओं का भविष्य सुरक्षित है। भाजपा के मीडिया संयोजक मनवीर चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल व राजपुर विधायक खजान दास ने संगठन की तरफ से मामले में सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री को आग्रह पत्र सौंपा है। वहीं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भी मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत किया है।
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