गलत बयानबाजी कर कुंभ को बदनाम न करें संत: रविंद्र पुरी
श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि कुंभ मेले के लिए सभी तेरह अखाड़ों के सचिव चुने जाते हैं और पंच परमेश्वर उन्हें सभी कारवाइयों को करने की अनुमति देते हैं। यदि आपको(रुपेंद्र प्रकाश को) कोई बयान देना है तो आपको उन्हीं के माध्यम से अपनी बात रखनी चाहिए। कुंभ पर अन्य किसी भी अखाड़े के महामंडलेश्वर कोई बयान नहीं दे रहे हैं, इसलिए रूपेंद्र प्रकाश को भी कोई बयान देने का अधिकार नहीं है। बड़ा उदासीन अखाड़ा के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज है, कोठारी भी विद्वान संत है। इसलिए वो निवेदन करते हैं कि स्वामी रूपेंद्र प्रकाश को कोई बयान नहीं देने चाहिए और परम्पराओं को समझना चाहिए। कुंभ मेले में महामंडलेश्वर के लिए सुविधा अखाड़े को मिलती है,और अखाड़े के सचिव ही आपको कुंभ की व्यवस्थाएं देते हैं।
कहा कि अर्द्धकुंभ को कुंभ बनाने का निर्णय सरकार का है, इसलिए सरकार को बदनाम करने की बजाय दिव्य, भव्य और सुरक्षित मेला संपन्न कराने की बात करनी चाहिए। अभी तक अखाड़ा परिषद की कोई बैठक नहीं हुई और कुंभ की व्यवस्थाओं पर चर्चा भी नहीं हुई। इसलिए अखाड़ों के महामंडलेश्वर को गलत बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
सीबीआई जांच का फैसला स्वागत योग्य
इसके साथ ही उन्होंने बड़ा अखाड़ा के लापता कोठारी मोहनदास के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच के फैसले का स्वागत किया और कहा कि मोहनदास कई सालों से लापता हैं, अचानक वो कैसे गायब हुए और उन्हें क्या हुआ है यह एक सोचनीय विषय हैं। हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के जो आदेश दिए हैं वो स्वागत योग्य कदम है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस षडयंत्र के पीछे जो भी हो, वो सबके सामने आना चाहिए।
लापता संत मोहनदास किसके संपर्क में थे और कौन सी जमीन बेचने वाले थे इन सबकी जांच होनी चाहिए।

