Himachal Pradesh

चमियाना सुपरस्पेशलिटी में अंगदान को लेकर किया जागरूक, 4 हज़ार से अधिक लोग भर चुके हैं शपथ पत्र

शिमला, 03 अगस्त । हिमाचल प्रदेश में अंगदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को अटल आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोटो) की ओर से आयोजित इस अभियान में मरीजों, उनके तीमारदारों और आम लोगों को अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया और इससे मिलने वाले जीवनदान के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. बृज की मौजूदगी भी रही।

कार्यक्रम का आगाज़ सोटो के संयुक्त निदेशक डॉ. निशांत नड्डा द्वारा संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. बृज और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा से शिष्टाचार भेंट के साथ हुआ। इस दौरान अंगदान से जुड़े जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। इसके बाद नेफ्रोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी के बाहर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान नेफ्रोलॉजी विभाग की रीनल डायलिसिस टीम की साक्षी ने जीवित रहते किए जाने वाले अंगदान और मृत्यु के बाद होने वाले अंगदान की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंगदान कई जरूरतमंद मरीजों के लिए नया जीवन लेकर आता है। वहीं कोमल ने अंगदान पर एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत कर लोगों को इस विषय पर सोचने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।

सोटो की मीडिया कंसल्टेंट रामेश्वरी ने लोगों को अंगदान की शपथ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया अंगदान कई लोगों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने सभी से इस विषय पर अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की। सोटो की प्रोग्राम असिस्टेंट भारती कश्यप और संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

सोटो के अनुसार प्रदेश में अंगदान जागरूकता अभियान के तहत अब तक करीब 350 शिविर लगाए जा चुके हैं। जुलाई माह से 3 अगस्त तक चलाए गए “अंगदान जीवन संजीवनी अभियान” के दौरान मेडिकल कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। संगठन के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अब तक मृत्यु के बाद दो लोगों ने अंगदान किया है, जबकि 45 जीवित किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। अब तक 4,174 लोग अंगदान के लिए शपथ पत्र भी भर चुके हैं।

इस अवसर पर सोटो की टीम ने आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव से भी मुलाकात की। डॉ. राव ने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया अंगदान कई लोगों का जीवन बचाने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि एक अंगदाता एक साथ आठ लोगों को नया जीवन देने में मदद कर सकता है और लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।