पंजाब के सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा बंद
चंडीगढ़, 10 अगस्त । पंजाब विधान सभा ने सोमवार को पंजाब स्टेट आउटसोर्सड पर्सनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026′ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी रोजगार में ठेकेदारी आउटसोर्सिंग की दशकों पुरानी व्यवस्था का अंत करते हुए कर्मचारियों के शोषण को समाप्त करने की घोषणा की।
यह ऐतिहासिक कानून निजी ठेकेदारों की भूमिका को समाप्त करेगा, पहले चरण में 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकार में सीधे अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के तहत लाएगा और पात्र कर्मियों को पी.एफ. (प्रोविडेंट फंड), ग्रेच्युटी, ई.एस.आई., मैटरनिटी लीव और आकस्मिक अवकाश के लाभ देगा। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब उनकी कमाई में से न काटा जाए।
विधान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब स्टेट आउटसोर्सड परसोनल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) बिल-2026′ कर्मचारियों के पक्ष में लिया गया ऐतिहासिक फैसला है। पंजाब में आउटसोर्सिंग प्रथा की दशकों पुरानी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। सरकारी रोजगार में निजी ठेकेदारों की भूमिका समाप्त हो जाएगी, जिससे सरकार और कामगारों के बीच सीधा संबंध स्थापित होगा।
आउटसोर्स कर्मियों के योगदान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब में हजारों आउटसोर्स ठेका कर्मचारियों ने प्रदेश की सेवा के लिए अपने जीवन के कई साल लगा दिए हैं। इन कर्मियों ने पंजाब की प्रगति, समृद्धि और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि, आउटसोर्सिंग के कारण बनी अनिश्चितता के कारण हमेशा कर्मियों के सिर पर तलवार की तरह लटकी रहती थी, जिससे उनकी नौकरी और जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता था।
उन्होंने बताया कि यह बिल ग्रुप-सी और ग्रुप-डी श्रेणियों के पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों पर लागू होगा, जो आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में लगे हैं और निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं। पहले चरण में लगभग 26,000 से 28,000 आउटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत इस पहल का लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों को होने वाले लाभ का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन कर्मचारियों को दी जाने वाली तनख्वाह उनकी मौजूदा तनख्वाह या कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम नहीं होगी। उन्हें प्रोविडेंट फंड और ग्रेच्युटी के लाभ मिलेंगे, ई.एस.आई. के लाभों के हकदार होंगे, मैटरनिटी लीव का लाभ मिलेगा और नियमित कर्मचारियों की तरह वे साल में 10 दिनों की आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) के भी हकदार होंगे। नियमित कर्मचारियों की तरह उनका आई.एच.आर.एम.एस. खाता होगा, जिससे उनके सेवा अभिलेखों और रोजगार में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
कर्मचारियों को मिलने वाले सीधे वित्तीय लाभ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा वसूला जाने वाला 15 से 22 प्रतिशत कमीशन अब एजेंसी के कमीशन के रूप में नहीं काटा जाएगा और इसका सीधा लाभ कर्मचारियों को मिलेगा।

