करोड़ोेें रुपये के सरकारी धन गबन मामले में 14 परिसरों पर ईडी की छापेमारी, 4.30 करोड़ रुपये की बरामदगी, 22 करोड़ की बैंक राशि फ्रीज
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों के लगभग 645 करोड़ रुपये के कथित गबन और धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 परिसरों पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान 4.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जबकि लगभग 22 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज कर दी गई।
ईडी ने बताया कि एजेंसी की चंडीगढ़ क्षेत्रीय इकाई-2 के अनुसार यह जांच फरवरी में हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। मामला हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में मौजूद खातों में पाई गई वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
तलाशी अभियान के दायरे में कई ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी इकाइयां शामिल रहीं। इनमें मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स और उससे संबंधित कंपनियां, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स तथा गौरव कंसल शामिल हैं। ईडी का आरोप है कि गौरव कंसल अपराध से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से घुमाने और छिपाने में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
जांच में सामने आया है कि सरकारी धन को विभिन्न ज्वेलर्स के बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और उसे कारोबारी लेन-देन के रूप में दर्शाकर वैध धन साबित करने की कोशिश की गई। ईडी के मुताबिक यह पूरा लेन-देन आरोपितों की मिलीभगत से किया गया ताकि अपराध से अर्जित धन के स्रोत को छिपाया जा सके।
ईडी की जांच के अनुसार मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि द्वारा बनाई गई मध्यवर्ती शेल कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये विभिन्न ज्वेलर्स तक पहुंचाए गए। जांच में पाया गया कि मलिक ज्वेलर्स को लगभग 58 करोड़ रुपये, केएलजी समूह को 26 करोड़ रुपये, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स को पांच करोड़ रुपये, शाम ज्वेलर्स को 3.66 करोड़ रुपये और सुंदर ज्वेलर्स को लगभग 3.15 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
जांच एजेंसी कहा कि यह धन हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों तथा चंडीगढ़ प्रशासन के खातों से निकाला गया था और बाद में ज्वेलर्स के माध्यम से धनशोधन कर आरोपित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों तथा अन्य सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचाया गया।
ईडी ने बताया कि इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) पहले ही पंचकूला स्थित विशेष अदालत में तीसरा आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। आरोपपत्र में हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारियों सहित कई सरकारी कर्मचारियों के नाम शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान नकदी और बैंक खातों को फ्रीज करने के अलावा बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। ईडी ने कहा कि मामले में धन के प्रवाह, लाभार्थियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले इसी मामले में ईडी चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी अब तक लगभग 211 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। ईडी ने 14 आरोपितों के खिलाफ पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है।

