स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण बारे कार्यशाला आयोजित
इस अवसर पर सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं कार्यालय, देहरा से निरीक्षक कमलेश कुमार तथा क्षेत्र की 5 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के सचिव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला का संचालन करते हुए हिमांशु साहू, डीडीएम नाबार्ड, ज़िला कांगड़ा ने कहा कि आप सभी की सामूहिक शक्ति ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। स्वयं सहायता समूहों से आगे बढ़कर एक सहकारी समिति के रूप में संगठित होने से आप न केवल बड़े ऋण आसानी से प्राप्त कर पाएंगी, बल्कि आपके द्वारा अपने उत्पाद की मूल्य निर्धारण की शक्ति भी बढ़ेगी। कमलेश कुमार ने अपने संबोधन में सहकारी विभाग की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी पहलों का पुरजोर समर्थन करता है। एक सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत होने से समूहों को सरकारी योजनाओं, विशेषकर बैंकों से ऋण प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलती है।
कार्यशाला में उपस्थित 50 से अधिक महिला सदस्यों ने इस पहल में गहरी रुचि दिखाई। कार्यक्रम का समापन एक विस्तृत प्रश्नोत्तरी सत्र के साथ हुआ, जिसमें महिलाओं के सभी संदेहों का निवारण किया गया।

