UP

अखिलेश दुबे गिरोह के मददगार चार इंस्पेक्टर व दो एसआई निलंबित

निलंबित निरीक्षक व उपनिरीक्षक

1- निरीक्षक (इंस्पेक्टर) मानवेन्द्र सिंह

तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पनकी नियुक्ति के दौरान थाना क्षेत्र में भूमि विवाद में शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र पर कोई विधिक कार्रवाई न करना और अखिलेश दुबे एवं उसके सहयोगियों से सांठ-गांठ कर लाभ पहुँचाना, तथ्यों को छिपाना एवं उच्चाधिकारियों को अवगत न कराना। प्रकरण में सहभागिता संदिग्ध पाई गई।

2- निरीक्षक आशीष कुमार द्विवेदी

कानपुर नगर के थाना नबावगंज एवं फजलगंज में थाना प्रभारी के पद पर नियुक्ति के दौरान भू-माफिया एवं अपराधी अखिलेश दुबे व उसके गैंग से सांठ-गांठ होने तथा अखिलेश दुबे गैंग के अपराधों में इनकी भूमिका व संलिप्तता से सम्बन्धित तथ्य प्रकाश में आने के कारण।

3- निरीक्षक अमान सिंह

थाना ग्वालटोली में तैनाती के दौरान विवेचना प्रकरण में अखिलेश दुबे गैंग के सदस्यों को लाभ पहुंचाने के लिए व लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभ द्विवेदी, प्रशान्त एवं दो से तीन अज्ञात के विरूद्र पंजीकृत अभियोग में अभियुक्तों को लाभ पहुँचाया एवं उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लिए बिना बेल कमेंट न्यायालय को प्रेषित करना।

4- निरीक्षक नीरज ओझा

तत्कालीन थाना प्रभारी बर्रा द्वारा भू-माफिया एवं अपराधी अखिलेश दुबे से सांठ-गाठ होने एवं पीड़ित रवी सतीजा के विरुद्ध रेप का आरोप लगाने वाली महिला को इनकी पुत्रवधु बताये जाने के लिए झूठे तथ्य पेश करना।

5 – उप निरीक्षक आदेश कुमार यादव

चौकी प्रभारी आवास विकास, थाना नौबस्ता रहते हुए अपने चौकी क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा गलत काम कराने, जनता व पुलिस चौकी स्टाफ से व्यवहार बेहद खराब है। इसके चौकी क्षेत्र में पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप।

6- उप निरीक्षक सनोज पटेल

थाना ग्वालटोली में तैनाती के दौरान विवेचना प्रकरण में अखिलेश दुबे गैंग के सदस्यों को लाभ पहुंचाने हेतु व लवी मिश्रा, लकी मिश्रा, सौरभ द्विवेदी, व प्रशान्त एवं दो से तीन अज्ञात के विरूद्र पंजीकृत अभियोग में अभियुक्तों को लाभ पहुँचाया एवं उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लिए बिना बेल कमेंट न्यायालय को प्रेषित करना। जानबूझकर लापरवाही व अनुशासनहीनता।