सीजेआई पर जूता फेंकने की घटना के खिलाफ एआईएलयू ने सुप्रीम कोर्ट में किया प्रदर्शन
ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के दिल्ली इकाई के सचिव सुनील कुमार ने बताया कि ये घटना भारतीय न्यायपालिका पर हमला है। चीफ जस्टिस पर हमला संविधान और न्यायिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ एफआईआर और अवमानना की कार्यवाही की मांग की।
सुनील कुमार ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा है कि ये सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला है। बता दें कि इस घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 6 अक्टूबर को ही जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर का बतौर वकील लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
6 अक्टूबर की सुबह राकेश किशोर नामक वकील ने चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंका था, लेकिन जूता चीफ जस्टिस के पास नहीं पहुंच सका। जब उसने चीफ जस्टिस की तरफ कुछ फेंकने की कोशिश की तो कोर्ट रूम में मौजूद दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल ने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस जब उसे कोर्ट रूम से ले जा रही थी उसने जोर से बोला “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” राकेश किशोर की उम्र 71 साल है। वह चीफ जस्टिस गवई के उस बयान से आहत था जिसमें उन्होंने ने भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी।

