गुरुग्राम: विजय दशमी पर धूं-धूं कर जले रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतले
-सुरक्षा के लिए पुलिस ने किए थे कड़े इंतजाम
-गौशाला मैदान में मनाया गया 33वां दशहरा मेला
गुरुग्राम, 2 अक्टूबर । विजय दशमी पर रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों को आग के हवाले करते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा मनाया गया। शहर में अनेक स्थानों पर हुई रामलीलाओं और अन्य दशहरा समितियों की ओर से पुतलों का दहन किया गया। इस तरह से बुराई पर अच्छाई की जीत करके समाज को महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। गौशाला मैदान में दशहरा मेला समिति की ओर से 33वां भव्य दशहरा मेला आयोजित किया गया। इसमें रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों को जलाया गया।
दशहरा पर्व पर पुतले दहन से पूर्व रामलीला कमेटियों की ओर से अपने-अपने क्षेत्र में झांकियां निकाली गई। भगवान राम व रावण की तरफ के पात्रों को इन झांकियों में शामिल किया गया। बाजारों से होती हुई ये झांकियां निकलीं और पुतले दहन करने वाले मैदान में पहुंचीं। वहां पर राम-रावण व उनकी सेना के बीच युद्ध की लीला दिखाई गई। दशहरा मेला समिति से जुड़े राजीव मित्तल के मुताबिक हजारों लोगों की मौजूदगी में रामलीला के मंच से बाहर दशहरा मैदान पर लीला का मंचन किया गया। विभीषण द्वारा दिए गए सुझाव पर राम ने रावण की नाभि में तीर मारकर उसका वध कर दिया। इसके बाद अतिथियों द्वारा भी रावण के पुतलों की तरफ तीर चलाकर रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ के पुतलों का दहन करने की शुरुआत की। देखते ही देखते तीनों के पुतले धूं-धूंकर जलने लगे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने इन पलों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

