Uttarakhand

मिश्री मठ में 5 हजार से अधिक भक्तों ने किया सामूहिक पंचभूति हवन

इस अवसर पर संस्था के परमाध्यक्ष करौली शंकर महादेव ने कहा कि पूरा ब्रह्मांड पांच तत्वों से मिलकर बना है- अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश और यहीं तत्व हमारे शरीर का निर्माण करते है। उन्होंने कहा कि हवन शारीरिक व मानसिक शुद्धि का बेहतर माध्यम है जहां हवन के आयोजन से वातावरण शुद्ध होता है वहीं प्राप्त ऊर्जा हमारे जीवन को बेहतर बनाने में कारगार सिद्ध होती है।

हवन करके भक्तों की पंच महाभूत शुद्धि करायी गयी जो कि मंत्र दीक्षा लेने के लिए अनिवार्य है। जिससे भक्तों के तन-मन की शुद्धि हो सके और वो भक्ति मार्ग में आगे बढ़ सकें। हवन के पश्चात ही भक्त दीक्षा ले सकते है। देर शाम पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव द्वारा मंत्र दीक्षा कार्यक्रम की शुरुआत हुई जो प्रातः काल तक चलेगी।

कल 6 नवम्बर को तंत्र क्रिया योग के साधकों का महासम्मेलन एवं देवभूमि रजत उत्सव मनाया जायेगा, जिसमें उत्तराखण्ड संघर्ष समिति के लोगों का सम्मान भी किया जाएगा। इस पावन अवसर पर पांच दिनों में देश-विदेश से भारी संख्या में साधक भाग ले रहें हैं। साथ ही देश के कई बड़े संत भी आशीर्वाद देने पहुंच रहे हैं।