विश्वविद्यालयों की फीस वृद्धि वापस ले सरकार, एचआरटीसी रियायतों में कटौती न करे : जयराम ठाकुर
शिमला, 03 अगस्त । नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि और एचआरटीसी बसों में मिलने वाली किराया रियायतों में प्रस्तावित कटौती को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों से छात्र, अभिभावक, बुजुर्ग, युवा और आम लोग परेशान हैं।
जयराम ठाकुर ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की फीस दोगुनी तक बढ़ा दी गई है। विरोध के बाद सरकार ने मामूली राहत देकर इसका प्रचार किया, लेकिन बढ़ी हुई फीस आज भी छात्रों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने पुराने शुल्क ढांचे के आधार पर प्रवेश के लिए आवेदन किया था, लेकिन दाखिले के समय अचानक फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी गई। इससे सामान्य परिवारों के छात्र आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कई छात्र प्रवेश लेने से भी पीछे हटने पर मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से फीस वृद्धि का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा आम लोगों की पहुंच से बाहर नहीं होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अब एचआरटीसी बसों में विभिन्न श्रेणियों को मिलने वाली किराया रियायतों में भी कटौती की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान कार्ड और ग्रीन कार्ड पर मिलने वाली छूट कम करने की खबरें चिंताजनक हैं।
एचआरटीसी को राजस्व जुटाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि प्रदेश की बड़ी आबादी सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर है। जयराम ठाकुर ने बल्क ड्रग पार्क परियोजना में धीमी प्रगति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को श्रेय लेने के बजाय परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में बड़े निवेश के साथ 20 हजार से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
साथ ही उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार की 120वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विकासवादी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

