प्रेरणा विमर्श-2026’ के पोस्टर का हुआ विमोचन
नोएडा, 10 अगस्त । समाज, मीडिया, राष्ट्र और समकालीन विषयों पर सकारात्मक, रचनात्मक एवं सार्थक विमर्श को मंच प्रदान करने वाला ‘प्रेरणा विमर्श’ वर्ष 2020 से प्रत्येक वर्ष देश के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ की केंद्रीय भावना के साथ ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस वर्ष का आयोजन प्रेरणा मीडिया शोध संस्थान न्यास के तत्वावधान में, प्रेरणा विमर्श आयोजन समिति एवं गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 19 एवं 20 सितम्बर 2026 को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से साेमवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय परिसर में वृहद त्रि-सत्रीय योजना बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न सत्रों, आयामों एवं व्यवस्थाओं से जुड़े 150 से अधिक कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं टोली सदस्यों की सहभागिता रही। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, पंजीकरण, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार, सहभागिता, विषय-वस्तु एवं व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
इस बैठक के अवसर पर ‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के पोस्टर का विमोचन किया गया। पोस्टर में आयोजन की केंद्रीय भावना ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। पोस्टर विमोचन के साथ ही आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क एवं पंजीकरण अभियान को और गति देने का संकल्प लिया गया। बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों, युवाओं, मातृशक्ति एवं पुरुषों की सार्थक सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
‘प्रेरणा विमर्श–2026’ के प्रथम दिवस 19 सितम्बर 2026 को भव्य-दिव्य ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन’ के साथ आयोजन का उद्घाटन होगा। यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, राष्ट्रभाव एवं नारी शक्ति के सम्मान की भावभूमि पर आयोजित किया जाएगा।‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ में लगभग 1,000 मातृशक्ति की सहभागिता रहेगी। भारतीय परंपरा के अनुरूप होने वाला यह आयोजन नारी शक्ति के सम्मान, सामर्थ्य, स्वाभिमान एवं राष्ट्र जीवन में उसके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता एवं सम्मान की अभिव्यक्ति होगा।
नारी शक्ति राष्ट्र वंदन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि नारी परिवार, समाज और राष्ट्र जीवन की सृजन शक्ति होने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उसके सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और सामर्थ्य को सुदृढ़ करना केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की विविध अभिव्यक्तियों के माध्यम से कार्यक्रम में नारी शक्ति के विभिन्न स्वरूपों, योगदान एवं सामर्थ्य को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजन के दूसरे दिन 20 सितम्बर 2026, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक दो समानांतर विचार-सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस सत्र में युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा, नवाचार एवं रचनात्मक क्षमता को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता डिजिटल मीडिया, ब्लॉगिंग, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, उद्यमिता, कौशल विकास एवं विकसित भारत जैसे विषयों पर विमर्श होगा।
युवाओं को तकनीक के केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता, डिजिटल संवाद, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
दूसरे सभागार में ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’ विषय पर प्रबुद्ध संवाद होगा। इसमें आधुनिक शोध, शिक्षा, मीडिया, विज्ञान, साहित्य, उद्यमिता एवं सामाजिक क्षेत्र में नारी नेतृत्व और योगदान के विविध आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।इस सत्र की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल मातृशक्ति ही नहीं, बल्कि पुरुषों की भी सक्रिय एवं सार्थक सहभागिता रहेगी। नारी सम्मान, स्वाभिमान एवं सशक्तिकरण को केवल महिलाओं का विषय न मानते हुए इसे समूचे समाज की साझा जिम्मेदारी के रूप में विमर्श का केंद्र बनाया जाएगा।
दोनों समानांतर विचार-सत्रों के उपरांत 20 सितम्बर को सायं 3 बजे से 5 बजे तक सामूहिक समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके समापन समारोह में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की उपस्थिति रहेगी।

