Haryana

हिसार के मूक-बधिर खिलाड़ी का भारतीय टीम में चयन, मलेशिया में दिखाएंगे दम

में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

महज 18 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने जा

रहे हिमांशु ने अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी

उपलब्धि से पूरे हिसार और हरियाणा में खुशी का माहौल है।

श्रवण एवं वाणी निशक्त जन कल्याण केंद्र के सहायक निदेशक अमित चौधरी ने बताया

कि हिमांशु डिस्कस थ्रो में लगातार पांच स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। पिछले वर्ष गुजरात

में आयोजित राष्ट्रीय मूक-बधिर खेल प्रतियोगिता में उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता,

बल्कि नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। हाल ही में आयोजित जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता

में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।

पिछले वर्ष टोक्यो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमांशु बेहद

मामूली अंतर से पदक जीतने से चूक गए थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उस अनुभव

को अपनी ताकत बनाकर लगातार अभ्यास जारी रखा। उसी समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है

कि अब उन्हें भारत की जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का

अवसर मिला है।

हिमांशु की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा है। उनके पिता

अनिल महलाना प्रतिदिन उन्हें महावीर स्टेडियम में अभ्यास के लिए लेकर जाते हैं, जबकि

उनकी माता सुमन देवी, जो शिक्षा विभाग में अध्यापिका हैं, ने हर कदम पर उनका हौसला

बढ़ाया।

केंद्र के आजीवन सदस्य सत्यपाल अग्रवाल और सहायक निदेशक अमित चौधरी ने हिमांशु

और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे हिसार और हरियाणा के लिए गर्व का क्षण

है। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमांशु मलेशिया में शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए

पदक जीतेंगे। हिमांशु के चयन की खबर से विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों

में खुशी की लहर है। विद्यालय प्रशासन ने प्रतियोगिता से वापसी पर उनके सम्मान में

भव्य स्वागत समारोह आयोजित करने की घोषणा भी की है।