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मंदसौर में श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार कार ने कुचला, बच्ची समेत 7 घायल; चार की हालत गंभीर

मंदसौर, 21 सितंबर । मध्‍य प्रदेश के मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के सुपरा गांव में रविवार देर रात मंदिर से प्रसादी लेकर बाहर निकल रहे श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर के पास हुए इस हादसे में छह महिलाएं और 13 साल की एक बच्ची घायल हो गई। घायलों में चार महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक को पकड़कर खंभे से बांध दिया और उसकी पिटाई कर दी। ग्रामीणों ने कार में भी तोड़फोड़ की।

बताया गया कि गांव के बालाजी मंदिर में गणेशजी की स्थापना के बाद आरती और प्रसादी का कार्यक्रम चल रहा था। कुछ महिलाएं मंदिर परिसर में नृत्य कर रही थीं, जबकि कुछ प्रसादी लेकर बाहर निकल रही थीं। इसी दौरान काले रंग की कार क्रमांक आरजे 45 सीएस 0432 तेज रफ्तार से वहां पहुंची और मंदिर से बाहर निकल रही महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शी दीपक के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी। महिलाओं को टक्कर लगने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। उन्होंने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ पल के लिए ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। हादसे में छह महिलाओं और एक बच्ची के घायल होने की जानकारी सामने आई। उनका कहना था कि यदि महिलाएं उस समय कुछ और आगे निकल गई होतीं तो हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

हादसे में एक महिला के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हुए हैं। चार महिलाओं की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद ग्रामीणों ने कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने उसे कार से बाहर निकाला और पास के एक खंभे से बांध दिया। इसके बाद उसकी पिटाई की गई। ग्रामीणों ने गुस्से में कार में भी तोड़फोड़ कर दी।

घटना की सूचना मिलते ही पिपलियामंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह इनवे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों के कब्जे से चालक को छुड़ाया और हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार कार में चालक के अलावा कोई अन्य व्यक्ति नहीं था।

चालक की पहचान अर्जुन सिंह (32) के रूप में हुई है। वह कमल सिंह का पुत्र और पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के सुजानपुरा गांव का निवासी बताया गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के समय चालक ने शराब पी रखी थी। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

हादसे में घायल महिलाओं और बच्ची को डायल-112 की मदद से पिपलियामंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत को देखते हुए सभी घायलों को आगे के उपचार के लिए मंदसौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रात करीब एक बजे सभी घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल महिलाओं की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

घायल हीराबाई ने बताया कि बालाजी मंदिर में गणेशजी की मूर्ति स्थापित की गई थी। आरती के बाद वह प्रसाद लेने गई थीं। प्रसाद लेकर मंदिर के गेट से बाहर निकलते समय अचानक तेज रफ्तार कार वहां पहुंची और उन्हें तथा अन्य महिलाओं को टक्कर मार दी।

ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर में धार्मिक आयोजन होने के कारण रात में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ऐसे में तेज रफ्तार कार के मंदिर के पास पहुंचने से बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद गांव में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों के साथ ही चालक के नशे में होने के आरोप की भी जांच की जा रही है।