Rajasthan

संस्कृति के रंगों से सजा प्रताप गौरव केंद्र

उदयपुर, 05 सितंबर । प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक सरोकारों से ओतप्रोत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला महोत्सव का दूसरा दिन झांकी, लहरिया और नाव मनोरथ से सजा।

प्रताप गौरव केंद्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति, उदयपुर के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केंद्र में चल रहे इस मेले की स्टॉल्स पर दिनभर शहरवासियों की रेलमपेल रही। शाम को चकरी-डोलर पर बच्चों की भीड़ रही।

महोत्सव के सहसंयोजक हिम्मत सिंह ने बताया कि शनिवार को प्रातः 9 बजे से झांकी प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें कृष्ण की लीलाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रसंगों की कलात्मक अभिव्यक्ति से परिपूर्ण झांकियों ने मन मोह लिया।

सहसंयोजक जसवंत सिंह पुण्डीर ने बताया कि दोपहर में लहरिया उत्सव हुआ, जिसने राजस्थान की रंग-बिरंगी लोक परम्परा को जीवंत किया। लहरिया महोत्सव के अंतर्गत रखी गई मेहंदी प्रतियोगिता में नेहा सेन प्रथम, मोनिका द्वितीय तथा कोयल श्रीमाली तृतीय रहीं। शाम को भक्तिधाम में नाव मनोरथ हुआ। बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों ने भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन किए। इसके बाद भजन संध्या शुरू हुई जो रात तक जमी।

पालक अधिकारी पंकज पालीवाल ने बताया कि 6 सितंबर को प्रातः 9 बजे से पारम्परिक गवरी आयोजन होगा। मेवाड़ की लोकनाट्य एवं आदिवासी सांस्कृतिक परम्परा से जुड़ी गवरी की प्रस्तुति महोत्सव के अंतिम दिन को विशिष्ट लोक-रंग प्रदान करेगी।

-झांकी प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में भगवान एकलिंगनाथ सरस्वती संस्कार विद्यालय की झांकी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

प्रतियोगिता में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बड़गांव की झांकी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। झांकी को 5 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं आलोक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की झांकी तृतीय स्थान पर रही, जिसके लिए 2100 रुपये का पुरस्कार दिया गया। विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय, बड़गांव की झांकी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 1100 रुपये प्रदान किए गए।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैरन, राजसमंद की प्रधानाचार्या रेखा महात्मा, ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी बड़गांव किरण कोटिया तथा डाइट उदयपुर के प्राध्यापक संजय शाण्डिल्य शामिल रहे। निर्णायकों ने झांकियों की प्रस्तुति, विषय-वस्तु, रचनात्मकता, संदेश एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सहित विभिन्न पहलुओं के आधार पर मूल्यांकन किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) उदयपुर चेतना भाटी, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की उपायुक्त लतिका पालीवाल तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ रोशन डांगी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

-कार्यक्रम के दौरान थूर एवं सायरा के बच्चों ने लव जिहाद, हाड़ी रानी पर नृत्य नाटिका से शौर्य और समसामयिक स्थितियों का चित्रण किया। श्रीनाथ जी का स्वरूप धरकर आये बालक की परिक्रमा करते हुए महिलाओं ने सामूहिक घूमर भी किया। इस दौरान प्रतिभाओं ने तलवार रास किया और महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र पर योगासन किए। कालिका पेट्रोलियम की प्रमुख शिप्रा दीदी के मार्गदर्शन में आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया गया।