सुक्खू सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, 14 हज़ार पद भरने को मंजूरी, आंगनबाड़ी कर्मियों और वन मित्रों का मानदेय भी बढ़ा
शिमला, 10 अक्टूबर । हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुक्खू सरकार ने भर्तियों का बड़ा ऐलान किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अलग-अलग विभागों में करीब 14 हज़ार पदों को भरने या सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। इनमें जल शक्ति विभाग के 4,090 पैरा वर्कर, 100 और स्कूलों में सीबीएसई से जुड़ी नई व्यवस्था के तहत 4,800 शिक्षण और गैर-शिक्षण पद, स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सें और शिक्षा विभाग में बैकलॉग कोटे के 320 सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय 1,000 रुपये प्रति माह और वन मित्रों का मानदेय 2,000 रुपये प्रति माह बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया। कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज, दूध उत्पादकों की सहायता दोगुनी करने और मछुआरों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने सहित कई अन्य फैसले भी किए गए।
मंत्रिमंडल ने 100 और स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने का निर्णय लिया। इन स्कूलों में 3,900 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण पद भरे जाएंगे। इस तरह नई योजना के तहत कुल 4,800 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने उन एसएमसी शिक्षकों के लिए सीमित सीधी भर्ती परीक्षा (एलडीआर) आयोजित करने को भी मंजूरी दी, जो पहले इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे। इनमें पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) शामिल हैं। सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर काम कर रहे कंप्यूटर शिक्षकों के पद भी सीमित सीधी भर्ती के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों श्रेणियों के पदों की संख्या जारी विवरण में नहीं बताई गई है।
शिक्षा विभाग में बैकलॉग कोटे के तहत 320 सहायक प्रोफेसरों के पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 29 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की जाएगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उपसंपादकों के दो पद भरने को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सों और 10 रेडियोग्राफरों के पद भरे जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और छह परफ्यूजनिस्ट नियुक्त किए जाएंगे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में 24 विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के पद भरने को मंजूरी दी गई है। कुल्लू के मातृ एवं शिशु अस्पताल के लिए 10 पद सृजित कर भरे जाएंगे।
गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधाएं मजबूत करने के लिए क्रिटिकल केयर मेडिसिन और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के दो स्वतंत्र सुपर स्पेशलिटी विभाग स्थापित किए जाएंगे। इनके सहयोगी विभागों ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी को मजबूत करने के लिए आवश्यक पद सृजित होंगे। चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में 60 सीटों वाला सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोलने को भी मंजूरी दी गई है।
वन विभाग में सहायक वन रक्षकों के 500 पद भरने के लिए भर्ती नीति को मंजूरी दी गई। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग किया जाएगा। इस विभाग में सहायक व्याख्याताओं के 40 और सहायक शिल्प अनुदेशकों के 120 पद भरने को मंजूरी दी गई। इन नियुक्तियों के लिए भी नीति स्वीकृत की गई है।
लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्करों और 10 कनिष्ठ अभियंताओं के पद भरे जाएंगे। बागवानी विभाग में 40 बागवानी प्रसार अधिकारियों, पांच वरिष्ठ सहायकों और 10 बागवानी विकास अधिकारियों की भर्ती होगी। पशुपालन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 116 पद भरे जाएंगे।
कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में 18 सहायक कोषागार अधिकारियों और सात अन्य श्रेणियों के पदों को सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई। आबकारी एवं कराधान विभाग में 10 कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी), सहकारिता विभाग में दो कनिष्ठ रजिस्ट्रार और 30 सहायक निरीक्षक तथा निर्वाचन विभाग में 13 निर्वाचन कानूनगो के पद भरे जाएंगे।
इसके अलावा फॉरेंसिक सेवा निदेशालय में पांच पद और अलग भर्ती निदेशालय के पहले चरण में 14 पद सृजित कर भरे जाएंगे। वन विभाग में 10 रेंज वन अधिकारियों और हमीरपुर जिले के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर के लिए पार्किंग परियोजना सहित कई विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने दिव्यांगजनों के चार प्रतिशत आरक्षण कोटे के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पद और 11 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने को मंजूरी दी। शिमला जिले में ढल्ली पुलिस थाने के तहत कोटी में नई पुलिस चौकी खोलने और इसके लिए आठ पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।
देहरा क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में एक मोटर वाहन निरीक्षक और एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पद भरा जाएगा। शिमला जिले के कुपवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक और एक मल्टी टास्क वर्कर का पद स्वीकृत किया गया। परिवार न्यायालयों शिमला, मंडी और कांगड़ा स्थित धर्मशाला में एक-एक निजी सचिव का पद बनाया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने को मंजूरी दी। विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद पर नियुक्ति से संबंधित वार्षिक आय सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दी गई है।
वन मित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की मासिक पेंशन भी 1 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को मंजूरी दी गई। सरकारी स्कूलों में पीएम-पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों और सहायकों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा।
दूध उत्पादकों को राहत देते हुए मंत्रिमंडल ने दूध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता तीन रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, इससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। सरकारी विभागों को दूध और दूध से बने उत्पादों की खरीद मिल्कफेड से करने के निर्देश देने का निर्णय भी लिया गया है। इससे दुग्ध उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
जलाशयों में मछली पकड़ने और पालन करने वालों को उचित मूल्य दिलाने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत जलाशयों की मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम होगा। यदि नीलामी में मछली 100 रुपये प्रति किलोग्राम से कम कीमत पर बिकती है, तो राज्य सरकार अधिकतम 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी देगी।
ट्राउट मछली पालकों को आपदा से होने वाले नुकसान में राहत देने के लिए एक करोड़ रुपये के प्रावधान वाली ट्राउट जोखिम निधि योजना लागू होगी।
कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 7.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये की सहायता मिलेगी। प्रभावित परिवारों को किराये के लिए 5,000 रुपये और छह महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा।
पशुधन के नुकसान पर भैंस के लिए 55,000 रुपये और बकरी या भेड़ के लिए 15,000 रुपये दिए जाएंगे। मत्स्य पालन में नुकसान होने पर एक लाख रुपये की सहायता मिलेगी। फसल नुकसान के लिए 2,000 रुपये प्रति कनाल और कृषि भूमि को नुकसान होने पर 5,000 रुपये देने का प्रावधान किया गया है।
सोलन जिले में वर्षा आधारित कृषि को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाने और ग्रामीण विकास के लिए चल रही एकीकृत विकास परियोजना के विस्तार को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि मौजूदा परियोजना क्षेत्रों और उनसे सटी अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में विकास कार्य जारी रखने और उनका विस्तार करने पर खर्च होगी।
नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए कांगड़ा और मंडी में एक-एक विशेष अदालत स्थापित की जाएगी। ये अदालतें स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी।
गृह रक्षक स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए राष्ट्रपति मेधा सहायता योजना के तहत आर्थिक मदद बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। अचानक गंभीर संकट, बीमारी या चोट की स्थिति में मिलने वाली सहायता 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाएगी। मृत्यु होने की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मंत्रिमंडल ने पांच मेगावाट से कम क्षमता वाली 33 छोटी जलविद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया। सरकार के अनुसार, परियोजना विकासकर्ताओं ने इन्हें आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई। इसके अलावा 126 मेगावाट की छतरू और 205 मेगावाट की रोपा-1 तथा रोपा-3 जलविद्युत परियोजनाओं के आवंटन के लिए नए सिरे से बोलियां आमंत्रित की जाएंगी।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर स्थापित करने और सोलन जिले के बद्दी के शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने को मंजूरी दी। हमीरपुर जिले के बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ मंजिला बहुस्तरीय पार्किंग और शौचालय परिसर बनाया जाएगा।
सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने का निर्णय लिया गया। कांगड़ा जिले के दुर्गाशरण्य अंतरराष्ट्रीय प्राणी उद्यान के लिए विभिन्न श्रेणियों के 26 पद सृजित कर भरे जाएंगे। इसके अलावा नौ इको टूरिज्म स्थलों का आवंटन कर वहां पर्यटन गतिविधियां शुरू करने को मंजूरी दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के अपने गृह जिले और एक ही जिले के भीतर तबादलों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। इसके लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की गई है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी इसके सदस्य होंगे।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश ई-स्टांपिंग नियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। इससे डिजिटल स्टांपिंग सेवाओं को कानूनी मान्यता मिलेगी। गवाह संरक्षण योजना को भी मंजूरी दी गई। एंबुलेंस संपर्क सड़कों के डिजाइन, निर्माण और प्रमाणन के लिए दिशा-निर्देश स्वीकृत किए गए हैं। इन सड़कों को अलग श्रेणी के रूप में मान्यता दी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों में शामिल हिमाचल के खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने के नियमों में संशोधन किया जाएगा। पुरस्कार की निर्धारित राशि पात्र खिलाड़ियों के बीच समान रूप से बांटी जा सकेगी। इस व्यवस्था में प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित राशि के बराबर रकम मिलेगी। दूसरा विकल्प अनुपात के आधार पर पुरस्कार बांटने का होगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित नकद पुरस्कार का कम से कम 25 प्रतिशत देना अनिवार्य होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारियों के पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई।


