Rajasthan

बीस से ज्यादा चालान हुए तो लाइसेंस रद्द सहित दर्ज होगा मुकदमा

स्पेशल पुलिस कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों को सबक सिखाने की तैयारी कर ली है। साथ ही जेब्रा लाइन का उल्लंघन करने वाले, सीट बेल्ट या हेलमेट नहीं लगाने वाले,ओवर स्पीडिंग करने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर शिकंजा कसने के लिए शहर में जगह-जगह कैमरे लगा दिए गए हैं।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से हर चौराहे और नुक्कड़ पर ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा ओवर स्पीडिंग पर नजर रखने के लिए इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को पकड़ने के लिए ब्रेथ एनालाइजर का व्यापक उपयोग हो रहा है।

स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया कि अगर कोई भी वाहन चालक बार-बार यातायात नियमों को तोड़ता है और उसके बीस से ज्यादा चालान हो चुके हैं तो ऐसे वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाएगा। इतना ही नहीं नियमों की लगातार अवहेलना करने वाले इन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी और उन पर मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 30 से ज्यादा ऐसे वाहन चालकों के लाइसेंस निरस्त किए हैं और उन्हें कोर्ट के कटघरे में भी खड़ा कर दिया है। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि बार-बार नियमों को तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

एक नई एप्लीकेशन के जरिए हो रही कार्रवाई

जयपुर शहर की सड़कों पर कई जगह स्पीडोमीटर और कैमरे लगे हुए हैं। हालांकि कई वाहन चालक इस बात से अनजान होकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के वाहन दौड़ा रहे हैं। लेकिन अब ट्रैफिक पुलिस डिजिटलाइजेशन के दौर में एक नई एप्लीकेशन के जरिए भी कार्रवाई कर रही है। ट्रैफिक लाइट पर तैनात पुलिसकर्मी इस एप्लीकेशन के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की फोटो क्लिक कर अपलोड कर रहे हैं। इसके जरिए चालान सीधे उनके मोबाइल पर और घर के पते पर पहुंच रहा है।

सुगम और सरल यातायात व्यवस्था के रास्ते में कई बाधाएं मौजूद

राहुल प्रकाश ने बताया कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि जयपुर की सुगम और सरल यातायात व्यवस्था के रास्ते में कई बाधाएं मौजूद हैं। शहर में अतिक्रमण और थड़ी-ठेलों के कारण सड़कों की चौड़ाई कम हो गई है। इसके अलावा हर साल वाहनों की बढ़ती संख्या,ट्रैफिक बेड़े में कर्मियों की कमी और संसाधनों की कमी से भी जयपुर ट्रैफिक पुलिस जूझ रही है।