Rajasthan

महिला आरक्षण को लेकर जयपुर में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

जयपुर, 20 अप्रैल । महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने नजर आए। एक और भाजपा महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शहीद स्मारक तक पदयात्रा निकाली तो वहीं दूसरी ओर महिला कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का प्रयास किया।

महिला कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने संसार चंद्र रोड पर बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता आगे बढ़ने का प्रयास करती रहीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा “प्रधानमंत्री कुर्सी छोड़ो” जैसे नारे लगाए।

इस अवसर पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि संसद में विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया, बल्कि उससे जुड़े परिसीमन के मुद्दे का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिल को लागू करने में देरी कर रही है और विपक्ष को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष की मांग है कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा की 543 सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए।

अलका लांबा ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की आवाज को पुलिस के जरिए दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस देशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है और आगे भी प्रदर्शन जारी रहेंगे।

इस प्रदर्शन से पूर्व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस को महिला विरोधी बताकर भ्रम फैला रही है, जबकि महिलाओं को सबसे अधिक अधिकार कांग्रेस सरकारों ने दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिलाओं को वास्तविक आरक्षण देने की नहीं है, बल्कि चुनावी लाभ लेना है। शहर में दोनों दलों के प्रदर्शनों के चलते दिनभर राजनीतिक सरगर्मी बनी रही।